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एक नए युग की शुरुवात हैं… ( वीआईपी कल्चर )लाल बत्ती बंद होना |

मुंबई न्यूज : एनर्जी गुरु अरिहंतऋषीजी ने मोदी सरकार की आभार व्यक्त करते हुए कहा की पुरी जनता इस फैसले से लेकर खुश हैं
और अब सब लोग एक जैसा जीवन व्यतीत करेंगे , इससे ये लगता हैं की अब राजनीती में धर्मनीति का प्रवेश हो चूका हैं , इसका ये एक आगाज़ हैं |

मोदी सरकार ने वीआईपी कल्चर पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने बुधवार को फैसला लेते हुए
ऐलान किया है कि आगामी 1 मई से अब सिर्फ 5 लोग ही लाल बत्ती का इस्तेमाल कर पाएंगे।
सरकार द्वारा लिए गए फैसले में अब सिर्फ राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश और लोकसभा स्पीकर ही लाल बत्ती
का इस्तेमाल कर सकेंगे। बताया जा रहा है कि 1 मई तक प्रधानमंत्री भी लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

अब केवल एंबुलेंस, फायर सर्विस जैसी आपात सेवाओं तथा पुलिस व सेना के अधिकारियों के वाहनों पर नीली बत्ती लगेगी। यह फैसला पहली मई
से लागू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले के बाद एक ट्वीट भी किया। उन्होंने कहा कि हर भारतीय खास है। हर भारतीय वीआईपी है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने फैसले को ऐतिहासिक व लोकतांत्रिक बताते हुए कहा, ‘यह सरकार आम लोगों की
सरकार है। इसीलिए हमने लाल बत्ती और साइरन वाली वीआइपी कल्चर को खत्म करने का फैसला किया है। इस फैसले से जनता में मोदी
सरकार के प्रति भरोसा और बढ़ेगा।

बुधवार को फैसले के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्रियों ने अपनी गाडि़यों से लाल बत्ती हटाना शुरू कर दिया था। गडकरी ने सबसे पहले अपनी कार की
लाल बत्ती हटाई। इसके बाद कई अन्य मंत्रियों को भी ऐसा ही करते देखा गया। गिरिराज सिंह ने बाकायदा पोज देकर अपनी कार की बत्ती हटाई।
उमा भारती को भी बत्ती हटाते देखा गया।मंत्रियों को भी कार में साइरन के इस्तेमाल की इजाजत नहीं है। केवल पायलट पुलिस वाहन ही इसका
प्रयोग कर सकते हैं। अब जो भी उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अधिसूचना जारी करने से पूर्व इस पर जनता की
राय ली जाएगी।
मोदी सरकार ने लंबे समय से सड़क परिवहन मंत्रालय में इस मुद्दे पर काम किया था। इससे पहले पीएमओ ने इस पर चर्चा के लिए एक बैठक
बुलाई थी। पीएमओ ने पूरे मामले पर कैबिनेट सेक्रटरी सहित कई बड़े अधिकारियों से चर्चा की थी।
इस फैसले की अमल १ मई से होगी | और जो भी कोई इस नियम का उल्लंघन करेगा उसको कड़ी कारवाई को सामने जाना पड़ेगा |

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वीवीआईपी कल्चर को दरकिनार कर सामान्य ट्रैफिक में लोककल्याण मार्ग से लेकर दिल्ली
एयरपोर्ट कर का सफर तय किया था। भारत दौरे पर आई बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शुक्रवार (7 अप्रैल) को भारत पहुंची, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
खुद ही उनकी अगुवानी करने पहुंच गये थे।

पीएम मोदी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के स्वागत के लिये प्रोटोकॉल के विपरीत आईजीआई हवाईअड्डा पर खुद पहुंचे थे। इस दौरान
उनके साथ सिर्फ ड्राइवर और एक एसपीजी कमांडो ही साथ थे।

-एनर्जी गुरु अरिहंतऋषीजी
www.urjaaworld.com

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