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सकारात्मक सोच सफलता पा ने का नजदीकी मार्ग  – Positive Thinking is the shortcut of Success

हमारे पास दो तरह के (सीड्स) बिज होते है सकारात्मक विचार (Positive) एंव नकारात्मक विचार (Negative Thoughts) है, जो आगे चलकर हमारे दृष्टिकोण एंव व्यवहार रुपी पेड़ का निर्धारण करता है| हम जैसा सोचते है वैसा बन जाते है !

इसलिए कहा जाता है कि जैसे हमारे विचार होते है वैसा ही हमारा आचरण होता है|

नकारात्मक से सकारात्मक की ओर:-

सकारात्मकता (Positivity) की शुरुआत आशा और विश्वास से होती है| किसी जगह पर चारों ओर अँधेरा है और कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा और वहां पर अगर हम एक छोटा सा दीपक जला देंगे तो उस दीपक में इतनी शक्ति है कि वह छोटा सा दीपक चारों ओर फैले अँधेरे को एक पल में दूर कर देगा।
इसी तरह आशा की एक किरण सारे नकारात्मक विचारों को एक पल में मिटा सकती है|

उदाहरण के लिए एक कहानी  :

एक बार की बात है किसी राज्य में एक राजा था जिसकी केवल एक टाँग और एक आँख थी। उस राज्य में सभी लोग खुश हाल थे क्योंकि राजा बहुत बुद्धिमान और प्रतापी था ।

एक बार राजा के मन में विचार आया कि क्यों न खुद की एक तस्वीर बनवायी जाये । फिर क्या था, देश विदेशों से चित्रकारों को बुलवाया गया और एक से एक बड़े चित्रकार राजा के दरबार में आये। राजा ने उन सभी से हाथ जोड़कर आग्रह किया कि वो उसकी एक बहुत सुन्दर तस्वीर बनाएं जो राज महल में लगायी जाएगी ।

सारे चित्रकार सोचने लगे कि राजा तो पहले से ही विकलांग है फिर उसकी तस्वीर को बहुत सुन्दर कैसे बनाया जा सकता है, ये तो संभव ही नहीं है और अगर तस्वीर सुन्दर नहीं बनी तो राजा गुस्सा होकर दंड देगा ।
यही सोचकर सारे चित्रकारों ने राजा की तस्वीर बनाने से मना कर दिया । तभी पीछे से एक चित्रकार ने अपना हाथ खड़ा किया और बोला कि मैं आपकी बहुत सुन्दर तस्वीर बनाऊँगा जो आपको ज़रूर पसंद आएगी ।

फिर चित्रकार जल्दी से राजा की आज्ञा लेकर तस्वीर बनाने में जुट गया। काफी देर बाद उसने एक तस्वीर तैयार की जिसे देखकर राजा बहुत प्रसन्न हुआ और सारे चित्रकारों ने अपने दाँतों तले उंगली दबा ली ।

उस चित्रकार ने एक ऐसी तस्वीर बनायी जिसमें राजा एक टाँग को मोड़ कर ज़मीन पे बैठा है और एक आँख बंद करके अपने शिकार पे निशाना लगा रहा है । राजा ये देखकर बहुत प्रसन्न हुआ कि उस चित्रकार ने राजा की कमजोरियों को छिपा कर कितनी चतुराई से एक सुन्दर तस्वीर बनाई है। राजा ने उसे खूब इनाम दिया ।

सोचिए अगर हम भी उस चित्रकार की तरह दूसरों की कमियों पर पर्दा डालें उन्हें नज़रअंदाज़ करें तो धीरे धीरे सारी दुनियाँ से बुराइयाँ ही खत्म हो जाएँगी और रह जाएँगी सिर्फ अच्छाइयाँ ।

इस कहानी से ये भी शिक्षा मिलती है कि कैसे हमें नकारात्मक परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोचना (Positive Thinking) चाहिए और किस तरह हमारी सकारात्मक सोच (Positive Attitude) हमारी समस्याओं को हल करती है ।

“ मेरे प्यारे भारत वासियों , आजकी इस ग्लोबलायजेशन की भागदौड भरी जिंदगी में, सभी लोग निगेटिव एनर्जी से भरे हैं ! आपको ऐसा कुछ खुद के विकास के प्रति कोई भी अच्छा बताने वाला नहीं हैं ! इसिलिए आप इस मुफ्त ग्यान का फायदा ले ! और अपना जीवन सफल बनाये!”

ये विषय यहाँ ख़त्म होने वाला नहीं हैं ! इसका अगला अंश रहेगा आप के अंदर सकारात्मक सोच (Positive Thinking) कैसे बनाए!

– एनर्जी गुरू अरिहंतऋषीजी.
उर्जा वर्ल्ड फाउंडेशन, मुम्बई.
www.urjaaworld.com

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